Hum army vaale

 Hum army vaale

हम आर्मी वाले लोग है एक जगह कहां टिकते है हमारे घर रेत के से लगते हैं। एक जगह अपना घर जमाना , मित्र बनाना और हर बार एक नए ढंग से सजाना । ये भूल जाते हैं कि एक दिन ये रेत के घर डह जाएंगे फिर भी चंद खुशियों को इनमें समेटे होते हैं जीवनसाथी के साथ में रहने की खुशी अनजान लोगों को भी अपना बना देती है वो सारे अजनबी अपने बन जाते हैं और जो हमारे अपने होते हैं वो दूर होते जाते हैं और फ़िर चल देते हैं एक नए रेत के घर की ओर ..... तब भी मुस्कुराते हैं जीवन के हर पहलू को जीते हैं और ईश्वर को धन्यवाद देते ...

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