नया वर्ष

 नया वर्ष 

नये वर्ष के आगमन पर हर्षित मन हो जाता है, 

पर अतीत के सायों से मन ये क्यु घबराता है। 

क्या क्या खोया क्या पाया है पिछले पल में, 

मन के सूक्ष्म कोने में सदैव स्थान वो पाता है।

 

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