परिवार का प्रेम
हमारा परिवार ही हमारा सच्चा प्रेम है। लोग यहाँ वहाँ प्रेम की चाह में भटका करते हैं और धोखा खाते हैं । हमारा परिवार दुख सुख दोनों में हमारे साथ होता है।परिवार में हमारी गलतियों को भी क्षमा मिल जाती है। परिवार की छाँव होना जीवन में बहुत आवश्यक है शिकवे शिकायतों का दौर तो चलता रहता है इसलिये जहां तक हो सके अपने परिवार में ही सच्ची खुशी ढूँढ़ने का प्रयास करे। अपने परिवार वालों के समक्ष ही प्रेम का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करे।
डॉ.रुपाली भारद्वाज
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