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दुख से सुख की ओर कभी कभी जिंदगी में कुछ अकल्पनीय घट जाता है दुख और परेशानी जीवन को निराशा की ओर धकेलते है और उन परिस्थितियों से खुद को उबार पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दूसरों को दिलासा देना तो आसान होता है पर खुद को सम्भाल पाना मुश्किल। हर सीधे सरल व्यक्ति के जीवन में कई उतार चढ़ाव आते है उसका स्वयं को अडिग बनाये रखना कठिन हो जाता है। ऐसे में ईश्वर के प्रति आस्था कम होने लगती है और चारों ओर शून्य छा जाता है। हर व्यक्ति किसी नियत स्थिति तक ही दुख और परेशानी झेल सकता है हर एक व्यक्ति की अपनी एक कहानी है। हँसी उड़ाने वाले किसी के दर्द को नहीं समझ सकते उन्हें किसी की परवाह भी नहीं। किसी को सब कुछ बड़ी आसानी से मिल जाता है और किसी को हर चीज के लिये बड़ी मेहनत करनी पड़ती है। ऐसा क्यों होता है इस प्रश्न के उत्तर को खोजते हुए उसका जीवन निकल जाता है। उस कठिन समय में खुद को मजबूत बनाये रखना ही जीवन है जो सह गया वो जीत गया और जो न सह पाया वो अंदर ही अंदर टूट जाता है। फिर गीता के ज्ञान से ही प्रेरणा ले लेनी चाहिये जो कर रहा है वो ईश्वर ही है मेरी हार -जीत , गम खुशी सब उनकी माया है। फिर मेरा...