नारी हूँ नारीत्व बचाना है,
खोये हुए अस्तित्व को फ़िर जगाना है।
है मुश्किल मंज़िल मगर ,
हौंसले को फ़िर बुलंद बनाना है।

डॉ.रुपाली भारद्वाज

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