दीपक

कभी दीपक बनूं, कभी बाती बनूं
पर किसी की राह का काँटा न बनूं।
जलाऊ प्यार की ज्योति दिल में,
कभी दिलों को जलाने वाली आग न बनूं।
दिखाऊ रास्ता सदा प्यार का,
कभी दिल को दुखाने का कारण न बनूं।
मिटाऊं आपसी बैर बीच का,
कभी दुश्मनी का आगाज न  बनूं

डॉ.रुपाली भारद्वाज


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